फिर से….

IMG_20150607_171539
पलट कर देखती हू जब आज,
तो पाती हू उन सब….
बिताये लम्हो को,
लोगो को,
आपनो को, दूशमनो को,
और..
फिर सोचती हू…
समय कैसे उड़ गया..
एक-एक कर यादो को जोड़ रही हू मैं,
समेटना चाहती हू सब आज….
सोचती हू कि क्या पता समेट कर,
कल फिर से जी सकू ईन्हे..
नमी हैं इन आखों मे आज,
क्या करू ?
लौटना चाहती हू बचपन मे आज,
पर लौट नही सकती….
याद आती है वो बचपन की
मँमी-पापा की बाते,
वो हाथ पकड़ कर चलना,
उनके हाथ से खाना खा ना,
बहन के साथ बिताया हर एक पल,
और
भाई के साथ हुई हर एक झड़प..
सब कुछ करना चाहती हू फिर से..
बचपन मे लौटना चाहती हू आज,
वोह बिते कल की यादो को जीना चाहती हू आज,
फिर से….

2 comments

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s